प्रमोद कुमार
रायपुर, 16 मार्च 2026।
Vishnu Deo Sai ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वे राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सामाजिक आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर देते हैं। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में गौधाम योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा।
उन्होंने बताया कि शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद बनाने से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से विशेष संबंध है। यह माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। उन्होंने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं।
इसके साथ ही राज्य सरकार की “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” के तहत 28 लाख 42 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से ज्यादा की राहत मिलेगी। उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
कार्यक्रम में औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा सहित समाज के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।





