सतीश शर्मा
रायपुर, 18 मई 2026/ उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को बड़ा बवाल हो गया। जैतपुरी गांव (सीतानदी रेंज) में बयान दर्ज करने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान उप निदेशक वरुण जैन के साथ कथित तौर पर हाथापाई भी की गई।

वन विभाग ने हाल ही में कोर क्षेत्र में रहने वाले 166 कथित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। इन सभी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि कई लोगों ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, लगातार दो नोटिसों के बाद आरोपितों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद हाल ही में पांच आरोपितों की गिरफ्तारी से इलाके में तनाव और बढ़ गया।
अधिकारियों का कहना है कि जब वन टीम सोमवार को बयान दर्ज करने पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। आरोप है कि भीड़ में महिलाओं को आगे कर विरोध प्रदर्शन किया गया और इसके बाद टीम पर हमला किया गया।
उप निदेशक वरुण जैन ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दबाव या बाधा डालने की कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी।
जानकारी के अनुसार, उदंती-सीतानदी अभयारण्य में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा और पेड़ों की कटाई का मामला 2022 में सामने आया था, जब वरुण जैन ने पदभार संभाला। इसके बाद 2023 में एक रिमोट सेंसिंग पोर्टल तैयार किया गया, जिसमें 20 वर्षों से अधिक पुराने सैटेलाइट डेटा का विश्लेषण किया गया।
2006 से 2026 तक की सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन में वर्षों से चल रहे संगठित अतिक्रमण और वन कटाई के संकेत मिले।
इस कार्रवाई से पहले वन विभाग ने लगभग 850 हेक्टेयर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया था, जिसमें घोरागांव, सोरमल, बुढ़गेलटप्पा, बनवापारा, गरीबा, कोकड़ी, गोना, कंडसर, फर्सारा, पिपलखुटा, करिपानी और करलाझर नागेस क्षेत्र शामिल हैं।



