बेमेतरा, 01 जून 2026। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेमेतरा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह उस समय अव्यवस्था का शिकार हो गया, जब वैवाहिक रस्मों के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। कार्यक्रम में भाजपा विधायक दीपेश साहू समेत 21 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, लेकिन बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश शुरू होते ही लोगों ने खुद को बचाने के लिए प्लास्टिक की कुर्सियां, जमीन पर बिछे गद्दे और तिरपाल तक सिर पर ओढ़ लिए। कई दूल्हा-दुल्हन छातों और अस्थायी साधनों के सहारे वैवाहिक रस्में पूरी करते नजर आए। कार्यक्रम में मौजूद डिप्टी सीएम अरुण साव बैलगाड़ी में बैठने के दौरान फिसल भी गए।

विधायक दीपेश साहू ने सामूहिक विवाह में लिए फेरे
बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने भी इसी समारोह में ड्राइवर की बेटी तरुणा साहू के साथ सात फेरे लिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली राशि अपने पास रखने के बजाय मेधावी छात्राओं की शिक्षा पर खर्च करेंगे। विवाह से पहले सभी दूल्हे ई-रिक्शा से सर्किट हाउस पहुंचे, जहां से बैलगाड़ी में बारात निकाली गई। कार्यक्रम में पारंपरिक परी डांस भी आकर्षण का केंद्र रहा।
अव्यवस्था पर भड़के विधानसभा अध्यक्ष
समारोह में फैली अव्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल के सदस्य मौजूद थे, इसके बावजूद अधिकारी समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सके।
रमन सिंह ने कहा, “मैं 15 साल मुख्यमंत्री रहा, लेकिन अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसी बदइंतजामी कभी नहीं देखी। अगर आज मैं नहीं बोलता तो शायद अधिकारी इससे सीख नहीं पाते।”
कांग्रेस ने उठाए पात्रता पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायक की शादी को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है, ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि किसी विधायक का इस योजना के तहत विवाह करना पात्रता के दायरे में आता है या नहीं।
विधायक का जवाब- लड़की BPL परिवार से
कांग्रेस के आरोपों पर विधायक दीपेश साहू ने कहा कि योजना की पात्रता लड़की के परिवार के आधार पर तय होती है। उन्होंने बताया कि तरुणा साहू बीपीएल परिवार से हैं और इसी आधार पर योजना के तहत उनका पंजीयन कराया गया था।
ड्राइवर की बेटी हैं तरुणा साहू
तरुणा साहू दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने एमए तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता देवनारायण साहू पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि माता मालती साहू गृहिणी हैं।
सीएम ने की फैसले की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विधायक दीपेश साहू के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह विवाह सादगी, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का संदेश देता है। उन्होंने इसे विवाह को आडंबर से दूर सामाजिक संस्कार के रूप में स्थापित करने की सकारात्मक पहल बताया।



