रायपुर, 05 जून 2026
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम खुद सवालों के घेरे में आ गया। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राजधानी रायपुर स्थित 4 स्टार होटल Babylon International में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें आवास एवं पर्यावरण मंत्री O. P. Choudhary भी शामिल हुए।

कार्यक्रम में मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजनों को प्रकृति के बीच आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अक्सर लोग वातानुकूलित कमरों में बैठकर पर्यावरण की बातें करते हैं, जबकि प्रकृति के संरक्षण का वास्तविक संदेश प्राकृतिक वातावरण में अधिक प्रभावी ढंग से दिया जा सकता है। मंत्री का यह वक्तव्य चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि जिस मंच से यह संदेश दिया गया, वह स्वयं एक आलीशान होटल का एसी कॉन्फ्रेंस हॉल था।
यही कारण है कि कार्यक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की बात करने वाले विभाग ने यदि जागरूकता कार्यक्रम किसी उद्यान, वन क्षेत्र या खुले प्राकृतिक परिसर में आयोजित किया होता तो उसका संदेश अधिक प्रभावी माना जाता। इसके विपरीत एक चार सितारा होटल में कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी।
जानकारों का मानना है कि ऐसे प्रतिष्ठित होटलों में बड़े आयोजनों पर लाखों रुपये तक खर्च होते हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब सरकारी विभाग लगातार मितव्ययिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग की बात करते हैं, तब पर्यावरण जागरूकता जैसे कार्यक्रमों के लिए महंगे स्थलों का चयन किस आधार पर किया जाता है।
इधर, अपने संबोधन में मंत्री ओपी चौधरी ने वृक्षारोपण की वर्तमान पद्धतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए पौधे लगाने से पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी और दीर्घजीवी वृक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पीपल, नीम, आम सहित देशी प्रजातियों के वृक्षों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री ने कहा कि रायपुर कलेक्टर के रूप में कार्यकाल के दौरान उन्होंने “पीपल फॉर पीपल” अभियान की शुरुआत की थी। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अब नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उनका दावा है कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को “पीपल सिटी” के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां हर दिशा में पीपल के वृक्ष दिखाई देंगे।
कार्यक्रम के दौरान एक हल्का-फुल्का प्रसंग भी चर्चा का विषय बना। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव Raju Agasimani ने अपने उद्बोधन की शुरुआत में मंत्री ओपी चौधरी का नाम लेते समय गलती से “ओपी यादव” कह दिया। हालांकि उपस्थित लोगों ने इसे सामान्य मानवीय भूल मानते हुए सहज रूप से लिया।
फिलहाल विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम से ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए क्या वास्तव में प्रकृति के बीच जाना जरूरी है, या फिर यह संदेश चार सितारा होटलों के वातानुकूलित सभागारों से भी उतनी ही प्रभावशीलता के साथ दिया जा सकता है।



