बिलासपुर, 25 जून 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन पर अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते 25 जून से 29 जून तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन द्वारा रिलीविंग गर्डर डी-लॉन्चिंग का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना है, जिसके कारण कई यात्री ट्रेनों को रद्द करने और कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
इस दौरान रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी रूट पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

10 ट्रेनें रहेंगी रद्द
रेलवे प्रशासन के अनुसार निम्नलिखित ट्रेनें निर्धारित तिथियों में रद्द रहेंगी—
- 28 जून को 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
- 28 जून को 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
- 28 जून को 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
- 28 जून को 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर
- 25 एवं 28 जून को 68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
- 26 एवं 29 जून को 68745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर
- 25 एवं 28 जून को 58205 रायपुर-इतवारी पैसेंजर
- 26 एवं 29 जून को 58206 इतवारी-रायपुर पैसेंजर
- 26 एवं 29 जून को 58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
- 28 जून को 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर
3 ट्रेनों का सफर बीच में होगा समाप्त
निर्माण कार्य के कारण कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से संचालित किया जाएगा—
- 25 एवं 28 जून को 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारंभ होगी। गोंदिया से बिलासपुर के बीच सेवा रद्द रहेगी।
- 25 एवं 28 जून को 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन पर समाप्त होगी। बिलासपुर से गोंदिया के बीच ट्रेन नहीं चलेगी।
- 25 जून को 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त कर दी जाएगी। बिलासपुर से रायपुर के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी।
यात्रियों को दी गई सलाह
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अंडरब्रिज निर्माण कार्य रेलवे सुरक्षा और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि इस अवधि में यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करनी पड़ सकती है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस अवश्य जांच लें ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस सेक्शन में रेल परिचालन और अधिक सुरक्षित तथा सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।




