7 Jul 2026, Tue
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फर्जी अंकसूची से नौकरी, फिर प्रमोशन… आखिरकार GST विभाग की बड़ी कार्रवाई, 13 साल बाद दो कर्मचारी बर्खास्त

  1. सतीश शर्मा

रायपुर, 07 जुलाई 2026। फर्जी अंकसूची के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में राज्य जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने मंगलवार को किशोर पटेल और भागवत पटेल को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए। दोनों पर वर्ष 2013 में भृत्य (चपरासी) भर्ती के दौरान कक्षा आठवीं की कथित फर्जी अंकसूची प्रस्तुत कर नौकरी प्राप्त करने का आरोप था।

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2013 में हुई भर्ती प्रक्रिया में दोनों अभ्यर्थियों ने कक्षा आठवीं की अंकसूची में 96 प्रतिशत से अधिक अंक दर्शाए थे। इसी मेरिट के आधार पर उनका चयन हुआ। नौकरी मिलने के बाद दोनों कर्मचारियों को पदोन्नति देकर सहायक ग्रेड-3 के पद पर भी नियुक्त कर दिया गया था।

शिकायत के बाद खुला पूरा मामला

मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब कुछ शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि दोनों कर्मचारियों की प्रस्तुत की गई कक्षा आठवीं की अंकसूचियां फर्जी हैं। शिकायत के साथ संबंधित मिडिल स्कूल की परीक्षा परिणाम पंजी भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की गई।

 

 

बाद में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में सामने आया कि समतुल्यता परीक्षा में अनुपस्थित परीक्षार्थियों के रोल नंबर का उपयोग कर कथित रूप से फर्जी अंकसूचियां तैयार की गई थीं। आरोप यह भी लगा कि इस पूरे मामले में तत्कालीन प्रधान पाठक, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सारंगढ़) और जिला शिक्षा अधिकारी (बलौदाबाजार) की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया गया।

पहले सही बताई गई थीं अंकसूचियां

शिकायत मिलने के बाद जीएसटी विभाग ने संबंधित शिक्षा अधिकारियों से अंकसूचियों का सत्यापन कराया था। उस समय अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में दस्तावेजों को सही बताया था। हालांकि बाद में विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के दौरान मामला फिर उठा, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी और फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर दोनों कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

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अब भी कई सवाल बाकी

कार्रवाई के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जिन शिक्षा अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेजों के सत्यापन और कथित संरक्षण देने के आरोप लगे, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारों का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करने के मामलों में केवल बर्खास्तगी ही नहीं, बल्कि आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का भी प्रावधान है। फिलहाल इस दिशा में कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।

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