9 Jul 2026, Thu

बलौदाबाजार के स्कूलों को 1.65 करोड़ की सौगात: टंक राम वर्मा बोले—‘शिक्षा पर निवेश, आने वाली पीढ़ियों का सबसे बड़ा भविष्य’

सतीश शर्मा

रायपुर, 09 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से 1.65 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसके तहत बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के कई स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, किचन शेड और प्रार्थना शेड का निर्माण कराया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से कमरों की कमी, मध्याह्न भोजन के लिए सुरक्षित किचन और खराब मौसम में प्रार्थना व गतिविधियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। डीएमएफ से स्वीकृत ये विकास कार्य इन कमियों को दूर करने के साथ-साथ बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, शैक्षणिक माहौल सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कहां-कहां हुए विकास कार्य स्वीकृत

12 जून 2026 को सिमगा विकासखंड के परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं फूलवारी और तिल्दाबांधा की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 20 लाख रुपये (प्रति स्कूल 10 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

 

 

इसके बाद 18 जून 2026 को बलौदाबाजार विकासखंड के प्राथमिक शाला चिचोली, मगरवाय, केशडबरी तथा पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया-चापा और धवई में 5-5 लाख रुपये की लागत से कुल पांच किचन शेड स्वीकृत किए गए। इसी दिन करमनडीह और खम्हरिया यदु की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये मंजूर किए गए।

पढ़ें   इंडिया इंटरनेशनल राईस समिट: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने छत्तीसगढ़ के चावल को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए वैल्यू एडिशन और ब्राडिंग की अपील की, CM विष्णु देव साय ने किसानों की समृद्धि और धान के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासो की चर्चा की

इसके बाद 07 जुलाई 2026 को सिमगा और बलौदाबाजार विकासखंड के चंडी, फरहदा, केसली, मटिया, रवेली, भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय सहित 10 गांवों के स्कूलों में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए प्रति स्कूल 10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

शिक्षा को आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना हमारा संकल्प – टंक राम वर्मा

इस अवसर पर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण करना नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक ऐसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, जिससे बच्चों के लिए शिक्षा का वातावरण आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके।

उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का वास्तविक अधिकार स्थानीय समाज का है और सरकार खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इस राशि का सीधा लाभ वहां के बच्चों तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया निवेश, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश है। जब बच्चों को बेहतर कक्षाएं, स्वच्छ किचन और व्यवस्थित प्रार्थना शेड जैसी सुविधाएं मिलेंगी, तब स्कूलों में उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

Share

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *