रायपुर, 12 जुलाई। प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने रायपुर प्रेस क्लब के लोकप्रिय संवाद कार्यक्रम “हमर पहुना” में देश में सनातन बोर्ड के गठन और संसद तथा विधानसभाओं में धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सार्वजनिक जीवन में चरित्र, नैतिकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सर्वोच्च स्थान देना होगा।
रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित कार्यक्रम में देवकीनंदन ठाकुर ने पत्रकारों से विभिन्न समसामयिक विषयों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कथा आयोजक योगेश अग्रवाल भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को भारतीय संस्कृति, श्रीमद्भगवद्गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों का अध्ययन कराया जाना चाहिए, ताकि उनमें चरित्र, सत्यनिष्ठा और जीवन मूल्यों का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि केवल आधुनिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्कार आधारित शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने समाज में बढ़ती हिंसा, अपराध और पारिवारिक विघटन पर चिंता जताते हुए कहा कि इन चुनौतियों का समाधान नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण से ही संभव है। उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध करते हुए कहा कि भारतीय पारिवारिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है।
सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश में सनातन बोर्ड का गठन होना चाहिए, जो मंदिरों, गुरुकुलों और भारतीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी कार्य करे। उन्होंने कहा कि मंदिरों की आय का उपयोग धर्म, शिक्षा, गौ संरक्षण और समाजहित के कार्यों में प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को केवल रोजगारपरक शिक्षा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और प्रेरणादायी चरित्रों से भी परिचित कराया जाना चाहिए। उनके अनुसार गुरु और शिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण है।
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा किसी पर धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं बनाती। उन्होंने विभिन्न माध्यमों से हो रहे धर्मांतरण पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से गीता का अध्ययन करने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने का आह्वान किया।
राजनीतिक व्यवस्था पर अपनी राय रखते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में धर्माचार्यों और नैतिक मूल्यों का पालन करने वाले लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे धर्माचार्यों के लिए 50 सीटें आरक्षित करने पर विचार होना चाहिए। साथ ही उन्होंने वेश्यावृत्ति और समलैंगिकता से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों पर भी अपनी असहमति व्यक्त की।

राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौन को लेकर उनका व्यक्तिगत मानना है कि भविष्य में कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।
कार्यक्रम के अंत में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि “हमर पहुना” का उद्देश्य समाज, संस्कृति, साहित्य और सार्वजनिक जीवन से जुड़े विशिष्ट व्यक्तित्वों को पत्रकारों के साथ संवाद का मंच उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर शहर के अनेक वरिष्ठ पत्रकारों ने देवकीनंदन ठाकुर का स्वागत एवं अभिनंदन किया।





