27 Jul 2026, Mon
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लोन घोटाले में CBI की बड़ी एंट्री: 11.38 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, कंपनी डायरेक्टर और बैंक अधिकारियों पर FIR

बलौदाबाजार, 27 जुलाई 2026

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े 11.38 करोड़ रुपए के कथित लोन घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धमतरी केपेक्स प्राइवेट लिमिटेड, उसकी डायरेक्टर राजलक्ष्मी सराफ, अभिषेक गुप्ता, गारंटर कुशल सोनी, अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में शनिवार शाम से रविवार शाम तक बलौदाबाजार के गौरव पथ स्थित कारोबारी राजकुमार सराफ के घर पर CBI और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई भी हुई।

CBI की FIR के मुताबिक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, रीजनल ऑफिस रायपुर के डिप्टी जनरल मैनेजर एवं रीजनल हेड रणधीर कुमार ने 7 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी ने बैंक से मिली क्रेडिट सुविधाओं का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की।

 

 

जांच में सामने आया कि 19 अप्रैल 2023 को कंपनी को 15 करोड़ रुपए की Export Packing Credit (EPC) सुविधा स्वीकृत की गई थी। इसमें 5 करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट (CC) और 7.50 करोड़ रुपए की लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) सीमा शामिल थी। आरोप है कि कंपनी ने इस राशि का उपयोग निर्यात कारोबार में करने के बजाय अपनी सहयोगी फर्मों के खातों में ट्रांसफर कर दिया।

CBI के अनुसार, कंपनी ने भारत मल्टी ट्रेड, क्रिस एंटरप्राइजेज और राधे कृष्णा एंटरप्राइजेज के जरिए रकम को घुमाकर उसी दिन पैकिंग क्रेडिट खाते में जमा किया, जिससे यह दर्शाया गया कि लोन का भुगतान कर दिया गया है। जांच में 26, 27 और 28 मार्च 2024 को हुए कई लेन-देन सामने आए हैं, जिनमें करीब 4.51 करोड़ रुपए की राशि घुमाने का आरोप है।

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बैंक ने भुगतान नहीं होने पर 12 अक्टूबर 2024 को लोन खाते को NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया। 31 जनवरी 2026 तक बैंक का कुल 11.38 करोड़ रुपए बकाया था।

CBI ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, लेखा में हेराफेरी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी का कहना है कि शुरुआती जांच में बैंक के साथ धोखाधड़ी और लोन राशि के दुरुपयोग के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। अब सभी वित्तीय लेन-देन, संबंधित कंपनियों, बैंक अधिकारियों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की विस्तृत जांच की जाएगी।

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