21 Aug 2026, Fri
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बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर: 1 सितंबर से आधार ई-केवाईसी जरूरी, मोर बिजली एप से घर बैठे फ्री में होगा सत्यापन

बिलासपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने प्रदेशभर में बिजली कनेक्शन के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होगी। उपभोक्ता घर बैठे, बिजली कार्यालय में जाकर या मीटर रीडर के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकेंगे।

ई-केवाईसी को आसान बनाने के लिए कंपनी ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ एप के जरिए स्वयं घर बैठे प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में कर्मचारी ‘प्रकाश’ एप/ई-केवाईसी पोर्टल के माध्यम से सत्यापन करेंगे।

मीटर रीडर भी कर सकेंगे ई-केवाईसी

तीसरे विकल्प के रूप में क्षेत्र का संबंधित मीटर रीडर मोबाइल एप के जरिए उपभोक्ता के घर पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। तीनों माध्यम आधार ऑथेंटिकेशन सर्विस से जुड़े होंगे। सत्यापन के लिए ओटीपी, फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

 

 

आधार की फोटो कॉपी जमा नहीं होगी

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के दौरान उपभोक्ता के आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा नहीं कराई जाएगी। कर्मचारी आधार का अवलोकन कर मोबाइल एप में जरूरी जानकारी दर्ज करेंगे और आधार की प्रति उपभोक्ता को वापस करना अनिवार्य होगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ई-केवाईसी की पूरी प्रक्रिया निश्शुल्क रखी गई है। कंपनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रक्रिया शुरू करने से पहले उपभोक्ताओं को इससे जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

आधार और बिजली कनेक्शन के नाम का मिलान जरूरी

ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज उपभोक्ता के नाम का मिलान जरूरी होगा। 100 प्रतिशत नाम मिलान होने पर ई-केवाईसी सफल मानी जाएगी और इसकी जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश के माध्यम से दी जाएगी।

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यदि नाम का मिलान 85 से 99.99 प्रतिशत तक होता है तो कार्यालय प्रभारी की स्वीकृति के बाद सिस्टम में आधार पर दर्ज नाम स्वीकार किया जा सकेगा। वहीं, 85 प्रतिशत से कम मिलान होने पर उपभोक्ता को पहले नाम में जरूरी सुधार या परिवर्तन कराना होगा।

नाम सुधार पर नहीं लगेगा शुल्क

यदि केवल नाम में गलती सुधारनी है और बिजली कनेक्शन के स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं हो रहा है, तो उपभोक्ता से प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए जरूरी दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होंगे।

वहीं, यदि नाम परिवर्तन के साथ बिजली कनेक्शन के स्वामित्व अधिकार में भी बदलाव किया जा रहा है, तो निर्धारित प्रोसेसिंग शुल्क और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि 1 सितंबर से पहले आधार और बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम की जांच कर लें, ताकि ई-केवाईसी के दौरान किसी तरह की परेशानी या देरी न हो।

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