• 38 एक्टिव केस से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
रायपुर, 2 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक 152 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 38 मरीज एक्टिव हैं। आंकड़ों में सबसे बड़ा अलर्ट रायपुर से सामने आया है – अकेले रायपुर जिले में 66 मरीज मिल चुके हैं।

बढ़ते संक्रमण के बीच उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, भाठागांव, रायपुर ने प्रदेशवासियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करना भी खतरनाक हो सकता है।
सर्दी-खांसी समझकर टालना पड़ सकता है भारी
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे दिखाई दे सकते हैं। तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखने पर समय गंवाने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
रायपुर के बाद इन जिलों में भी बढ़ी चिंता
रायपुर के अलावा रायगढ़ में 10 मरीज मिले हैं, जिनमें 3 एक्टिव हैं। कोरबा में 9 में से 4 मरीज एक्टिव हैं, जबकि बस्तर में 3 मरीजों में से एक का उपचार चल रहा है। कांकेर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और सरगुजा में 2-2 मरीज मिले हैं। बालोद, बलौदाबाजार, महासमुंद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में भी एक्टिव केस सामने आए हैं।
प्रदेश के 11 जिलों में अभी कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की जांच, उपचार और जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. विनोद सिंह की सलाह—लापरवाही नहीं, सावधानी जरूरी
- तेज बुखार, सर्दी-खांसी को नजरअंदाज न करें।
- लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
- हाथों को साबुन से बार-बार धोएं।
- खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें।
उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, भाठागांव के मुताबिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच, आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन, आवश्यक दवाइयां और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उपलब्ध है।
संदेश साफ है – स्वाइन फ्लू से डरने की नहीं, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करने की भी नहीं।





