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CGPSC पेपर लीक केस की खबर स्टेटस पर लगाने पर धमकी: युवक बोला- अनिल चंद्राकर ने फोन पर गाली दी, जान का डर

दुर्ग-भिलाई, 08 सितंबर 2026। दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर WhatsApp स्टेटस पर लगाने के बाद एक युवक को धमकी देने का मामला सामने आया है। रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने आरोप लगाया है कि अनिल चंद्राकर ने उन्हें फोन कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद युवक डर के कारण गांव छोड़कर चला गया।

परमेश्वर के मुताबिक, 3 सितंबर को एक अखबार में ED की कार्रवाई से जुड़ी खबर प्रकाशित हुई थी। खबर में CGPSC परीक्षा घोटाले की जांच के दौरान करीब 2.80 करोड़ रुपए अनिल चंद्राकर को दिए जाने का जिक्र था। परमेश्वर ने यह खबर अपने मोबाइल के WhatsApp स्टेटस पर लगा दी थी।

स्टेटस लगाने के अगले दिन आया फोन

परमेश्वर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 4 सितंबर को दोपहर करीब 1:40 बजे उन्हें एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को अनिल चंद्राकर बताया। आरोप है कि फोन उठाते ही उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और धमकी देते हुए कहा कि “तुझे मारते-मारते थाने ले जाऊंगा। तू मुझे नहीं जानता, 6 महीने के लिए अंदर करवा सकता हूं।”

परमेश्वर का कहना है कि उन्होंने फोन करने वाले को समझाने की कोशिश की कि उन्होंने अखबार की खबर किसी को बदनाम करने के लिए नहीं, बल्कि सामान्य जानकारी के तौर पर स्टेटस पर लगाई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी जारी रही।

दोस्त के मोबाइल से बातचीत की रिकॉर्डिंग

पीड़ित ने बताया कि फोन पर हुई बातचीत के दौरान वह काफी डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई। बाद में इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया।

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परमेश्वर के अनुसार, इसी दिन करीब 3:10 बजे उसे अनिल चंद्राकर के गांव आने की जानकारी मिली। गांव के हितेंद्र पटेल ने फोन कर बताया कि अनिल गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। शिकायत में परमेश्वर ने आरोप लगाया कि उसे यह भी कहा गया कि आज तुम्हें जान से मार देंगे।

इसके बाद परमेश्वर डरकर गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है और इसी कारण वह घर से बाहर रहने को मजबूर है।

ED मामले से अपना कोई संबंध नहीं बताया

परमेश्वर ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि ED और CGPSC मामले से उसका कोई संबंध नहीं है। वह न तो इस मामले में गवाह है और न ही किसी जांच का हिस्सा है। उसके मुताबिक, उसने केवल अखबार में खबर पढ़ने के बाद उसे अपने WhatsApp स्टेटस पर लगाया था।

उसने पुलिस को अखबार की खबर की कॉपी और फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई है।

पाटन पुलिस ने दर्ज किया केस

शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

पूरे मामले से जुड़ी कथित फोन बातचीत का वीडियो/रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है। हालांकि, धमकी के आरोपों और रिकॉर्डिंग की वास्तविकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

CGPSC पेपर लीक केस में ED की कार्रवाई से जुड़ा मामला

दरअसल, CGPSC 2020 और 2021 परीक्षा में पेपर लीक, गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले की जांच ED कर रही है। ED के अनुसार, जांच में अभ्यर्थियों और आरोपियों के रिश्तेदारों तक परीक्षा का पेपर पहुंचाने और इसके बदले पैसे लिए जाने की बात सामने आई थी।

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ED के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से अधिक नकद जुटाए। जांच एजेंसी का दावा है कि इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपए अनिल चंद्राकर को दिए गए।

इसी कार्रवाई और जांच से जुड़ी अखबार की खबर परमेश्वर ने अपने WhatsApp स्टेटस पर लगाई थी, जिसके बाद कथित धमकी का यह मामला सामने आया।

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