15 Sep 2026, Tue

भारत सरकार के एक्शन के बाद झुका Meta: बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को देगा

नई दिल्ली, 15 सितम्बर 2026। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ा दी है। सरकार के दबाव और लगातार बातचीत के बीच Meta ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों की जानकारी कानून लागू करने वाली संबंधित एजेंसियों के साथ साझा करने पर सहमति जताई है।

सरकार इंटरनेट पर बच्चों को यौन शोषण और नुकसान पहुंचाने वाले आपत्तिजनक कंटेंट से बचाने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों के साथ लगातार चर्चा कर रही है। सरकार का जोर ऐसे कंटेंट की जल्द पहचान करने और उसे प्लेटफॉर्म से हटाने के साथ-साथ ऑनलाइन अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर है।

आपत्तिजनक कंटेंट पर होगी सक्रिय निगरानी

सरकार का फोकस ऐसे कंटेंट की पहचान पर है, जो बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है या उनके यौन शोषण से संबंधित है। अधिकारियों की कोशिश है कि सोशल मीडिया कंपनियां केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय इस तरह की सामग्री की पहचान और रोकथाम के लिए सक्रिय व्यवस्था तैयार करें।

Meta की ओर से संबंधित जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ साझा करने की सहमति को सरकार ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है। इससे बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराध से जुड़े मामलों की जांच में एजेंसियों को मदद मिलने की उम्मीद है।

दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी सरकार के रडार पर

सरकार की कार्रवाई केवल Meta तक सीमित नहीं है। अधिकारियों की अन्य सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ भी बातचीत चल रही है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक और गैरकानूनी कंटेंट की समय रहते पहचान हो और उसे हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानना होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।

सरकार ने साफ किया रुख

भारत सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लापरवाही की छूट नहीं मिलेगी। आने वाले समय में तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर आपत्तिजनक कंटेंट की निगरानी, पहचान और उसे हटाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

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