बिलासपुर, 16 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में पुलिस आरक्षक भर्ती की वेटिंग लिस्ट में शामिल 400 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज करते हुए हाई कोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2017 में पुलिस आरक्षक (जीडी और अन्य) के 2259 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया के बाद वेटिंग लिस्ट 1 मार्च 2021 को प्रकाशित की गई थी। इसमें शामिल अभ्यर्थियों ने नियमों के तहत रिक्त पदों पर नियुक्ति देने की मांग की थी।

सरकार की ओर से नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर परसराम ध्रुव समेत अन्य अभ्यर्थियों ने वर्ष 2023 में हाई कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने 1 फरवरी 2024 को अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया था।

हाई कोर्ट ने नियम 13(2) को माना था आधार
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल (नियुक्ति तथा सेवा शर्तें) नियम, 2007 के नियम 13(2) का उल्लेख किया था। इसके तहत नया पद स्वीकृत होने या पदोन्नति, सेवानिवृत्ति, मृत्यु अथवा अन्य कारणों से पद रिक्त होने की स्थिति में वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति का प्रावधान माना गया था।
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसमें वेटिंग लिस्ट की अवधि के दौरान पदोन्नति या मृत्यु के कारण रिक्त हुए पदों पर वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति नहीं देने की बात कही गई थी।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती
हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस संजीव खन्ना की डिवीजन बेंच ने की।
अभ्यर्थियों की ओर से सीनियर एडवोकेट नौशीना आफरीन अली, एडवोकेट अभिजीत श्रीवास्तव और एओआर अंशुमन श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।
इसके साथ ही हाई कोर्ट का फैसला प्रभावी रहेगा और वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।




