रायपुर, 19 सितम्बर 2026। राजधानी रायपुर में GST फर्जीवाड़े का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 16 साल पहले मृत व्यक्ति के नाम पर किरायानामा तैयार कर उसके पते का इस्तेमाल कंपनी के कारोबार के लिए किया गया। अगस्त्य इंटरप्राइजेस ने अलग-अलग फर्मों से करीब ₹141.74 करोड़ का कारोबार दिखाया और इसके आधार पर ₹23.43 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा किया।
GST विभाग की जांच में कंपनी से जुड़े दस्तावेजों और बिलों की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। जिन फर्मों से कारोबार दिखाया गया था, उनके पते का भौतिक सत्यापन कराया गया। जांच में कई फर्में फर्जी या अस्तित्वहीन मिलीं।

मृत व्यक्ति के नाम पर बनाया किरायानामा
जांच में सबसे बड़ी गड़बड़ी किरायानामे को लेकर सामने आई। जिस व्यक्ति के नाम पर अगस्त्य इंटरप्राइजेस के लिए किरायानामा बनाया गया था, उसकी करीब 16 साल पहले मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद दस्तावेजों में उसे जगह किराए पर देने वाला बताया गया।

अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन अग्रवाल लाभांडी के सिग्नेचर होम में रहते हैं। GST विभाग के मुताबिक कंपनी ने अलग-अलग फर्मों से सामान खरीदने के बिल पेश किए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर ITC का दावा किया।
कई फर्मों का नहीं मिला अस्तित्व
GST अधिकारियों ने बिलों में दर्ज फर्मों का मौके पर जाकर सत्यापन कराया। इस दौरान कई फर्में मौजूद नहीं मिलीं। कुछ लोगों ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के साथ किसी तरह का कारोबार करने से इनकार किया।
जांच में बैंक खातों से हुए कुछ लेन-देन को लेकर भी संबंधित लोगों ने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद GST विभाग ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
अमन अग्रवाल के खिलाफ FIR
GST विभाग की शिकायत पर पुलिस ने अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कंपनी के दस्तावेजों, बिलों, बैंक खातों और संबंधित फर्मों की जानकारी की जांच कर रही है। मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।




