25 Sep 2026, Fri
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छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश: बस्तर समेत कई जिलों में जलभराव, स्कूल बंद; CM साय ने अधिकारियों से कहा- जनता को परेशानी न हो

रायपुर, 25 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

पिछले 48 घंटों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। बस्तर संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है। महानदी और इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई जगहों पर सड़कें और पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

जगदलपुर में बाढ़ जैसे हालात

जगदलपुर में लगातार बारिश के चलते इंद्रावती नदी की सहायक नदियां और नाले उफान पर हैं। गोरियाबहार नाला भरने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। तिरिया, पोटनार और अमागुड़ा सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ है। निचली बस्तियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित तोमर फार्म हाउस में पानी भर गया। यहां पांच लोगों के फंसे होने की सूचना के बाद SDRF की टीम रेस्क्यू के लिए पहुंची।

कांकेर और कोंडागांव में स्कूल बंद

कांकेर में लगातार बारिश से दूध नदी उफान पर है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी घोषित कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

कोंडागांव में भी तीन दिनों से जारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। पुल-पुलियों के ऊपर पानी आने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। सुरक्षा को देखते हुए 25 सितंबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।

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सुकमा में निचली बस्तियां खाली कराई जा रहीं

सुकमा जिले में बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। कोंटा क्षेत्र की निचली बस्तियों को खाली कराया जा रहा है। कई इलाकों में घरों में पानी घुसने की स्थिति बनी हुई है। दोरनापाल-कोंटा और दोरनापाल-सुकमा मार्ग पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है।

बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

धमतरी में गंगरेल जलाशय 98.14 प्रतिशत भर चुका है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गंगरेल बांध के 10 गेट खोले गए हैं और पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। मुरुमसिल्ली, दुधावा और सोढ़ुर जलाशयों से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

पानी छोड़े जाने से महानदी समेत आसपास के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।

प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के 25 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य वर्षा का 100.1 प्रतिशत रिकॉर्ड हुआ है। 1 जून से 25 सितंबर तक राज्य में औसतन 1082.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि की औसत संभावित बारिश 1081.5 मिमी है।

बालोद समेत कई जिलों में भी लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर नाले और सड़कें जलमग्न हैं। प्रशासन और राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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