2 Oct 2026, Fri
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रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं : आपका रक्त बचा सकता है किसी की जिंदगी, उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल और उर्मिला फाउंडेशन की पहल, 2 अक्टूबर को लगेगा रक्तदान शिविर

• नम्रता सिंह ने की अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान की अपील, डॉ. विनोद सिंह ने दूर कीं रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां

रायपुर, 02 अक्टूबर 2026

किसी के लिए आपका रक्त जिंदगी की आखिरी उम्मीद बन सकता है। सड़क हादसा हो, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या प्रसव के दौरान रक्त की जरूरत, समय पर रक्त मिलना किसी मरीज के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। इसी उद्देश्य से उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल और उर्मिला फाउंडेशन की ओर से 2 अक्टूबर को ऐच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

2 अक्टूबर को लगेगा रक्तदान शिविर

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल एवं उर्मिला फाउंडेशन की ओर से आयोजित यह शिविर दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक चलेगा। इसका उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग करना है। संस्था ने अधिक से अधिक लोगों से शिविर में पहुंचकर रक्तदान करने की अपील की है।

‘आपका रक्त बचा सकता है किसी की जिंदगी’

उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। आपके द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है। रक्त की आवश्यकता किसी को भी कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में स्वस्थ लोगों को आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल किसी व्यक्ति की मदद करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है।

रक्त की कमी दूर करने के लिए जरूरी है स्वैच्छिक रक्तदान

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दुर्घटना, गंभीर बीमारी, सर्जरी और प्रसव जैसी परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे समय में रक्त की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

रक्तदान से कमजोरी आने की धारणा गलत : डॉ. विनोद सिंह

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह ने रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि कई लोगों को लगता है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है, जबकि स्वस्थ व्यक्ति निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान कर सकता है। सामान्यतः इससे स्थायी कमजोरी नहीं आती। शरीर प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत रक्त की कमी को धीरे-धीरे पूरा करता है।

एक नेक पहल, किसी को मिल सकता है नया जीवन

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल और उर्मिला फाउंडेशन की यह पहल समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला हर व्यक्ति किसी जरूरतमंद के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। संस्था ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहभागी बनें और रक्तदान के माध्यम से मानवता की सेवा करें।

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