रायपुर, 5 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रभावी क्रियान्वयन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राज्य को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) पुरस्कार-2026 समारोह में सम्मान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है। समारोह का आयोजन 5 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित आवासों को पूरा कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस समारोह में छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक, पीएमएवाई (शहरी) सुमित अग्रवाल शामिल होंगे।

आवास निर्माण की प्रगति पर लगातार निगरानी
राज्य सरकार द्वारा आवासों की स्वीकृति से लेकर निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता तक विभिन्न स्तरों पर निगरानी की जा रही है। नगरीय निकायों के साथ समन्वय कर पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने और लंबित आवासों को पूरा करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने शहरी विकास योजनाओं को जनकल्याण से जोड़ते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने पर जोर दिया है। उनके मार्गदर्शन में शहरी गरीब परिवारों को आवास के साथ मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
पक्का मकान सिर्फ छत नहीं, सम्मान और सुरक्षा का आधार
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से गरीब परिवारों को सिर्फ पक्का मकान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन, सामाजिक सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार मिल रहा है। आवास मिलने से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार की जीवन-स्थितियों में भी सकारात्मक बदलाव आता है।
छत्तीसगढ़ में योजना के बेहतर क्रियान्वयन में नगरीय निकायों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, तकनीकी अमले और हितग्राहियों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही है। केंद्र सरकार का आमंत्रण इसी सामूहिक प्रयास और राज्य की प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ के शहरी आवास मॉडल और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी देगा।



