बलौदाबाजार, 03 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर जिला प्रशासन ने जिले के प्रसिद्ध वन्यजीव छायाकार एवं पर्यावरण संरक्षक हेमंत वर्मा को सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान पक्षी संरक्षण, प्रकृति के प्रति जागरूकता फैलाने और देवपुर वन परिक्षेत्र में दुर्लभ मालाबार जायंट स्क्विरल (विशाल भारतीय गिलहरी) की मौजूदगी को कैमरे में कैद कर वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करने के लिए दिया गया।
पेशे से साइबर सिक्योरिटी रिस्क ऑडिटर हेमंत वर्मा वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने बर्ड ट्रेल्स और ग्रामीणों के साथ संवाद के माध्यम से 200 से अधिक युवाओं को ‘प्रकृति प्रहरी’ के रूप में तैयार किया है। उनके इस प्रयास से युवाओं में पक्षियों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति रुचि बढ़ी है।



हेमंत वर्मा की ओर से देवपुर समर कैंप के दौरान दुर्लभ मालाबार जायंट स्क्विरल को कैमरे में कैद कर उसकी उपस्थिति प्रमाणित करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इस खोज ने बारनवापारा और देवपुर क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को सामने लाने के साथ यहां इको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी नई पहचान दिलाई।
उनकी इस उपलब्धि का प्रभाव शैक्षणिक क्षेत्र में भी देखने को मिला। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की समसामयिकी में मालाबार जायंट स्क्विरल से जुड़ी जानकारी को स्थान मिला। वहीं, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की ओर से आयोजित हाईकोर्ट डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) भर्ती परीक्षा में भी इस दुर्लभ वन्यजीव से संबंधित सवाल पूछा गया।
बलौदाबाजार जिले के प्रतिष्ठित नागरिकों की अनुशंसा के बाद जिला प्रशासन की ओर से मिले इस सम्मान पर जिले के पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने प्रसन्नता जताई है। हेमंत वर्मा की उपलब्धि को वन्यजीव संरक्षण, पक्षी अवलोकन और स्थानीय जैव विविधता को पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।


