21 Jul 2026, Tue

CG में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर : क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर लगी रोक, लेकिन शेयर में लगा सकते हैं पैसे, अधिसूचना हुई जारी

प्रमोद मिश्रा

रायपुर, 01 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब वे शेयर बाजार में इंट्रा-डे ट्रेडिंग, फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) और क्रिप्टोकरेंसी की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। सरकार ने इन कामों को ‘गलत व्यवहार’ माना है और कहा है कि जो भी ऐसा करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। इस बारे में सरकार ने सबको जानकारी दे दी है।

 

 

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में बदलाव किया गया है। अब एक नया नियम जोड़ा गया है जिसके तहत, बार-बार शेयर, सिक्योरिटी या किसी और चीज़ की खरीद-बिक्री (जैसे इंट्रा-डे, BTST, फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) और क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग/निवेश) को गलत माना जाएगा।

सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत भारत सरकार के प्रावधानों की तर्ज पर अब राज्य के शासकीय सेवकों को शेयर (Shares), प्रतिभूतियों (Securities), डिबेंचर्स (Debentures) और म्युचुअल फंड्स (Mutual Funds) में निवेश की अनुमति दी गई है। यह संशोधन नियम 19 में नया उप-खण्ड जोड़ते हुए लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इंट्रा-डे ट्रेडिंग, बीटीएसटी (BTST), फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसे प्रकृति के निवेश गतिविधियों पर रोक लागू रहेगी।

यह रोक इसलिए लगाई गई है क्योंकि कई सरकारी अफसर और कर्मचारी ऑफिस टाइम में अपने कंप्यूटर पर इंट्रा-डे शेयर, क्रिप्टो या दूसरी चीजों की खरीद-बिक्री करते पाए गए थे। इससे उनके सरकारी काम में रुकावट आ रही थी और इसे भ्रष्टाचार भी माना गया। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह रोक इसलिए लगाई है ताकि काम ठीक से हो सके।

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बता दें कि, हाल के ही महीनों में प्रदेश के कुछ शिक्षकों और द्वितीय-तृतीय श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारियों के ऐसे निवेश के मामले सामने आए थे। कुछ मामलों में तो ऐसे बड़े निवेश पत्र/सर्टिफिकेट भेंट के रूप में भी लेने की बात सामने आई थी, जिसके बाद कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया था। सरकार का यह निर्णय पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, हालांकि इससे कर्मचारियों में निराशा का माहौल है जिन्होंने निवेश को आय का एक अतिरिक्त स्रोत माना था।

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