प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 07 जुलाई 2025

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान उच्च पदस्थ माओवादी नेता सोधी कन्ना, जिस पर ₹8 लाख का इनाम था, मारा गया। मौके से .303 रायफल, भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य माओवादी सामग्री बरामद की गई है।
ऑपरेशन कैसे चला
राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों ने कार्रवाई शुरू की। सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में तेलंगाना स्टेट कमेटी, नेशनल पार्क एरिया कमेटी, पीएलजीए बटालियन क्रमांक 01 और अन्य माओवादी हथियारबंद दस्ते सक्रिय हैं।
इसके बाद 4 जुलाई 2025 को एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा 202 व 210 बटालियन, सीआरपीएफ की यंग प्लाटून और अन्य बल शामिल थे। कई दिनों तक रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही। सोमवार को तलाशी के दौरान एक माओवादी का शव वर्दी में बरामद हुआ, जिसकी पहचान सोधी कन्ना के रूप में हुई।
कौन था सोधी कन्ना?
सोधी कन्ना, पीएलजीए बटालियन क्रमांक 01 के कंपनी नंबर 02 का डिप्टी कमांडर था। छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर ₹8 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। वह टेकलगुudem क्षेत्र में कई बड़े नक्सली हमलों और धर्मारम कैंप पर हमले में शामिल था। वह कुख्यात माओवादी नेता मडवी हिडमा का करीबी सहयोगी था और बटालियन का स्नाइपर भी था। उसकी मौत को माओवादी संगठन की स्नाइपर क्षमता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री
- एक .303 रायफल और 5 जिंदा कारतूस
- एक एके-47 मैगजीन जिसमें 59 जिंदा कारतूस
- एक माओवादी वर्दी का सेट
- कोडेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर
- माओवादी बैग, साहित्य, रेडियो और दैनिक उपयोग की सामग्री
अभियान का प्रभाव
बस्तर रेंज पुलिस के अनुसार, 2024 में मिली निर्णायक सफलता के बाद से 2025 में लगातार रणनीतिक और सघन ऑपरेशन जारी हैं। पिछले 18 महीनों में 415 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।
मूसलधार बारिश, घने जंगल, पथरीली ज़मीन और प्राकृतिक कठिनाइयों के बावजूद डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीएएफ और बस्तर फाइटर्स जैसी सुरक्षा एजेंसियां लगातार मोर्चे पर तैनात हैं।





