प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 11 जुलाई 2025

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें वंचित वर्गों के संस्थागत विकास से लेकर छात्रों के स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने, पुराने वाहनों से जुड़े नियमों में बदलाव, और राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित विकास तक कई ऐतिहासिक निर्णय शामिल हैं।
राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को मिला वरिष्ठ वेतनमान
कैबिनेट ने राज्य पुलिस सेवा के 2005 से 2009 बैच के अधिकारियों के लिए 30 नए सांख्येतर पद सृजित करते हुए वरिष्ठ प्रवर श्रेणी वेतनमान देने का निर्णय लिया।
PanIIT के साथ संयुक्त उपक्रम को हरी झंडी
वंचित समुदायों के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार और पैन आईआईटी एलुमनी रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के बीच गैर-लाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन को मंजूरी दी गई। यह संस्था युवाओं, महिलाओं व तृतीय लिंग को कौशल विकास, विदेशी भाषा प्रशिक्षण व उद्यमिता के जरिए सशक्त करेगी।
पुराने वाहनों पर सख्ती, च्वाइस नंबर अब नए वाहन में संभव
मंत्रिपरिषद ने मोटरयान कराधान अधिनियम-1991 और मोटरयान नियम-1994 में संशोधन को मंजूरी दी। अब वाहन मालिक पुराने वाहन का च्वाइस नंबर नए या अन्य राज्य से लाए वाहन में उपयोग कर सकेंगे। शासकीय वाहनों को यह सुविधा निःशुल्क मिलेगी।
छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति लागू
राज्य सरकार ने ‘छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति’ लागू करने का निर्णय लिया। इसका लक्ष्य है 50 हजार छात्रों तक पहुंच बनाना, 500 प्रोटोटाइप्स और 150 स्टार्टअप को सहयोग देना। जनजातीय क्षेत्रों में नवाचार केंद्र भी खोले जाएंगे।
राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए नया प्राधिकरण
रायपुर, दुर्ग-भिलाई और अटल नगर को मिलाकर ‘छत्तीसगढ़ स्टेट कैपिटल रीजन’ के लिए अलग प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दी गई। यह संस्था शहरी विस्तार, निवेश और पर्यावरण संतुलन पर ध्यान देगी।
अन्य अहम फैसले:
- निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025 को मंजूरी।
- कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकृत।
- छत्तीसगढ़ जीएसटी (संशोधन) विधेयक को मंजूरी।
- कर विवादों के शीघ्र निपटान के लिए बकाया कर निपटान विधेयक को मंजूरी।
- भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक से प्लाटिंग पर नियंत्रण, नामांतरण होगा आसान।
- कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन को मंजूरी।
इन निर्णयों से शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीकी और विकासोन्मुखी बनाने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।





