प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 1 अगस्त 2025

छत्तीसगढ़ की पंजीयन व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रही है। राज्य के पंजीयन कार्यालयों ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अब रजिस्ट्री की सॉफ्ट कॉपी पक्षकारों को Whatsapp और ई-मेल के माध्यम से भेजने की शुरुआत की है। इस डिजिटल कदम से न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि दस्तावेजों की सुरक्षा और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
पंजीयन विभाग ने डीजी लॉकर से सीधा एकीकरण कर लिया है, जिससे पक्षकार अपने दस्तावेज अब ऑनलाइन सुरक्षित रख सकेंगे। यदि किसी पक्षकार के पास वाट्सएप या ई-मेल की सुविधा नहीं है, तो उसे रजिस्ट्री कार्यालय से हार्ड कॉपी भी दी जाएगी। यह नई व्यवस्था जल्द पूरे राज्य में लागू होगी।
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
नई व्यवस्था के अंतर्गत ई-केवाईसी और आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है, जिससे पक्षकार की पहचान पुख्ता होगी और दस्तावेजों से जुड़ी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। डिजिटल दस्तावेजों में छेड़छाड़ की आशंका न के बराबर रहेगी और सारी जानकारी हमेशा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।
अब ड्राफ्ट देख सकेंगे पहले से
रजिस्ट्री से पहले पक्षकार दस्तावेज का ड्राफ्ट मोबाइल या ई-मेल पर देख सकेंगे और यदि कोई गलती हो तो समय रहते उसमें सुधार भी कर सकेंगे। यदि डीजी लॉकर में आधार जुड़ा हो, तो पक्षकार सीधे सीजी महानिरीक्षक पंजीयन पोर्टल से रजिस्ट्री नंबर डालकर दस्तावेज डाउनलोड भी कर सकेंगे।
वसीयतनामा और बंटवारा नामा भी डिजिटल
वसीयतनामा, बंटवारा नामा, मुख्तारनामा जैसे दस्तावेजों का पंजीयन भी अब डिजिटल प्रक्रिया से अधिक सुचारू रूप से हो पाएगा। इसके अलावा, जुलाई से शुरू हुई ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सुविधा के तहत पक्षकार एनजीडीआरएस वेबसाइट पर जाकर स्लॉट बुक कर सकते हैं।
ज़मीन की जानकारी मोबाइल पर
सुगम एप के ज़रिए ज़मीन की जानकारी, लोकेशन और स्थिति मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी, जिससे रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कागजी कार्यवाही कम होगी और आमजन को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पंजीयन विभाग की उप महानिरीक्षक उषा साहू ने जानकारी दी कि जल्द ही सभी दस्तावेज ई-मेल पर भेजे जाएंगे, जिससे पंजीयन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सकेगा





