प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 22 अगस्त 2025

एस.एम.सी हार्ट इंस्टिट्यूट एवं आई.वी.एफ रिसर्च सेंटर, रायपुर में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के 74 वर्षीय मरीज की जटिल एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की गई। मरीज लंबे समय से सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की समस्या से जूझ रहे थे। जांच में उनकी तीनों धमनियों में अत्यधिक कैल्शियम जमाव पाया गया, जिसके कारण अन्य अस्पतालों ने उन्हें बाईपास सर्जरी की सलाह दी थी।
मरीज ने तत्पश्चात एस.एम.सी हार्ट इंस्टिट्यूट में परामर्श लिया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बाईपास के बजाय आधुनिक और गैर-शल्य पद्धति से उपचार करने का निर्णय लिया। 15 दिनों के अंतराल में दो चरणों में रोटेशनल एथेरेक्टॉमी (Rotational Atherectomy) तकनीक का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में डायमंड-टिप्ड बर (Burr) युक्त मशीन द्वारा कठोर कैल्शियम को घिसकर हटाया गया। इसके बाद कटिंग बैलून तकनीक से अतिरिक्त कैल्शियम को हटाया गया और अंत में स्टेंट प्रत्यारोपित कर रक्त प्रवाह सामान्य किया गया।
उपचार के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। अब वे बिना किसी तकलीफ के सामान्य दिनचर्या कर पा रहे हैं।
एस.एम.सी हार्ट इंस्टिट्यूट एवं आई.वी.एफ रिसर्च सेंटर में इस तरह के जटिल हृदय रोगों का उच्च-स्तरीय और व्यवस्थित इलाज उपलब्ध है। साथ ही, SECL कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यहां कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जा रही है।





