प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 22 अगस्त 2025

दिव्यांगजनों के लिए आशा की किरण लेकर उदयपुर का नारायण सेवा संस्थान अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कृत्रिम हाथ-पैर का निःशुल्क वितरण करने जा रहा है। संस्थान द्वारा रविवार 24 अगस्त को रायपुर स्थित शगुन फार्म, वीआईपी रोड, विशाल नगर पर सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक नारायण लिंब एवं कैलीपर्स फिटमेंट शिविर आयोजित किया जाएगा।
शिविर के तहत अप्रैल माह में आयोजित मेजरमेंट कैम्प में चयनित 382 दिव्यांगजन कृत्रिम अंग पाकर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करेंगे। शिविर का उद्घाटन समारोह प्रातः 11 बजे होगा।
संस्थान के मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशक भगवान प्रसाद गौड़ ने बताया कि नारायण सेवा संस्थान पिछले 40 वर्षों से देश-विदेश में लाखों दिव्यांगों को उनके घर-शहर के नजदीक निःशुल्क सेवा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान की जर्मन टेक्नोलॉजी से निर्मित नारायण लिंब पहनकर दिव्यांगजन फिर से अपने पैरों पर खड़े होंगे और समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे।
उन्होंने कहा— “हर समृद्ध समाज की शक्ति उसके प्रत्येक नागरिक में बसती है। जब दिव्यांग सशक्त होते हैं तो देश की प्रगति का रथ और गतिमान हो जाता है।”
वार्ता के दौरान निदेशक गौड़ के साथ शिविर प्रभारी हरि प्रसाद लड्ढा, आश्रम प्रभारी भरत पालीवाल और हेमंत मेघवाल भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिविर का पोस्टर जारी किया गया।
संस्थान अब तक न केवल भारत बल्कि केन्या, युगांडा, तंजानिया, मेरु और नेपाल जैसे देशों में भी दिव्यांगजनों की सेवा कर चुका है। प्रतिमाह औसतन 1800 से अधिक कृत्रिम हाथ-पैर लगाए जा रहे हैं। शिविर में लाभार्थियों के लिए निःशुल्क भोजन और अंग फिटमेंट के बाद चलने की ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की गई है।
संस्थान 1985 से “नर सेवा ही नारायण सेवा” की भावना से कार्यरत है। संस्थापक कैलाश मानव को उनकी अद्वितीय सेवा भावना के लिए राष्ट्रपति द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। वहीं संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल को भी वर्ष 2023 में राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। संस्थान अब तक 40,000 से अधिक कृत्रिम अंग निःशुल्क लगा चुका है।
संस्थान की सेवा-यात्रा के अंतर्गत, आगामी 30–31 अगस्त को उदयपुर में 44वां दिव्यांग सामूहिक विवाह समारोह भी आयोजित होगा, जिसमें 51 जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे।



