डोंगरगढ़, 04 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थल मां बमलेश्वरी मंदिर में नवरात्र पर्व के दौरान दुखद घटना घट गई। मंदिर परिसर के ज्योति कलश कक्ष में ड्यूटी कर रहे आदिवासी युवक शीतल मंडावी (38 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह डोंगरगढ़ के घोटिया गांव का निवासी था और हर साल नवरात्र पर मंदिर में ड्यूटी करता था।
जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर की रात करीब 2 बजे शीतल की तबीयत अचानक बिगड़ी। लोगों का कहना है कि ज्योति कलश कक्ष में फैले धुएं और गर्मी से उसे सांस लेने में दिक्कत हुई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे स्ट्रेचर पर सीढ़ियों से नीचे उतारा गया। सवाल यह उठ रहा है कि जब मंदिर में रोपवे की सुविधा उपलब्ध है, तो उसे उसी रास्ते से क्यों नहीं ले जाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि समय पर रोपवे का इस्तेमाल किया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुचिता श्रीवास्तव ने पुष्टि की कि शीतल की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। वहीं मंदिर ट्रस्ट के मंत्री महेंद्र परिहार ने कहा कि रात के समय रोपवे बंद था और कर्मचारी मौजूद नहीं थे, इसलिए उसे सीढ़ियों से नीचे लाना पड़ा।
इस घटना ने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि इस बार मंदिर में 7,901 ज्योति कलश जलाए गए थे, जिनकी देखभाल के लिए 200 लोगों की टीम लगाई गई थी। ट्रस्ट का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा और बीमा की व्यवस्था की जाती है, लेकिन इस हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुरक्षा इंतज़ाम पर्याप्त थे।
घटना के सामने आने के बाद गोंड समाज में आक्रोश फैल गया है। समाज के लोगों का आरोप है कि यह मंदिर ट्रस्ट की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वीआईपी होता तो ऐसी लापरवाही नहीं होती। गोंड समाज ने शीतल मंडावी के परिवार को उचित मुआवज़ा और उसकी पत्नी को मासिक पेंशन देने की मांग की है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2021 में रोपवे हादसे में एक युवक की मौत पर ट्रस्ट ने पांच लाख रुपये और पेंशन दी थी।
डोंगरगढ़ की यह घटना न केवल श्रद्धालुओं और कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी बताती है कि नवरात्र जैसे बड़े पर्व में व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। अब समाज और स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और शीतल मंडावी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।





