प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 09 अक्टूबर 2025

भारत के सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादक वेदांता एल्युमीनियम ने घोषणा की है कि वह 2025 के अंत तक झारसुगुड़ा प्लांट में अपनी पहली ऑल-वुमन लोकोमोटिव टीम का आकार दोगुना करेगा। मौजूदा सात सदस्यीय टीम में छह और महिला पेशेवर शामिल होंगे। इसके साथ ही कंपनी झारसुगुड़ा में दूसरी ऑल-वुमन लोकोमोटिव टीम भी बनाएगी, ताकि देश के सबसे बड़े एल्युमीनियम प्लांट्स में लॉजिस्टिक और संचालन संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सके।
यह पहल वेदांता एल्युमीनियम की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें महिलाओं को उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी कार्यों में प्रमुख जिम्मेदारियाँ दी जाती हैं। झारसुगुड़ा स्मेल्टर में तैनात यह टीम कच्चे माल के आंतरिक परिवहन के लिए जिम्मेदार लोकोमोटिव इंजन चलाती और मेंटेन करती है। यह कार्य एल्युमीनियम उत्पादन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और 3,000 एकड़ में फैले प्लांट में 1.8 एमटीपीए क्षमता वाले स्मेल्टर और 3615 एमडब्ल्यू क्षमता वाले पावर प्लांट की संचालन क्षमता सुनिश्चित करता है।
सीईओ राजीव कुमार ने कहा, “हमारी पहली ऑल-वुमन लोकोमोटिव टीम ने यह साबित किया कि कौशल, सटीकता और नेतृत्व का कोई लिंग नहीं होता। इस विस्तार के साथ हम समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहे हैं। यह केवल संख्या बढ़ाने की बात नहीं, बल्कि औद्योगिक कार्यस्थलों की संस्कृति को आकार देने की बात है।”
साथ ही कंपनी ने डिजिटल फिल्म “ऑन द राइट ट्रैक” लॉन्च की है, जो भारत की पहली संपूर्ण महिला लोकोमोटिव क्रू की प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाती है। फिल्म में टीमवर्क, कौशल और समावेशन के महत्व को दिखाया गया है। एक सदस्य कहती हैं, “जब मैंने पहली बार ड्राइवर की सीट संभाली, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं सिर्फ लोकोमोटिव नहीं चला रही थी, बल्कि बदलाव चला रही थी।”
वेदांता एल्युमीनियम की यह पहल केवल प्रतीकात्मक नहीं है। कंपनी ने महिलाओं के लिए नाइट-शिफ्ट भूमिकाएँ शुरू की हैं, भारत की पहली ऑल-वुमन प्रबंधित स्मेल्टर पॉटलाइन का उद्घाटन किया है और प्रारंभिक स्तर की भूमिकाओं में 50% महिलाओं की भर्ती को प्राथमिकता दी है। 2030 तक कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 30% करने का लक्ष्य रखा गया है।
फिल्म का संदेश: “विश्वास और संकल्प की शक्ति ही दुनिया को आगे बढ़ाती है। जब इसे क्रियाशील किया जाता है, तो यह सब कुछ आगे बढ़ा देता है।”



