प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 6 नवंबर 2025
“वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ पर देशभर में राष्ट्रगौरव और जनभागीदारी का वर्षभर चलने वाला भव्य उत्सव 7 नवंबर से शुरू होगा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस ऐतिहासिक अभियान में छत्तीसगढ़ भी पूरे उत्साह के साथ भागीदारी करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसकी गूंज हर नागरिक के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व का संचार करेगी।” उन्होंने कहा कि इस अवसर को पूरे वर्षभर राष्ट्रभक्ति, एकता और जनसहभागिता के महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
“वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 नवंबर 2025 को सुबह 10 से 11 बजे के बीच करेंगे। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद देशभर में एक साथ “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया जाएगा। इसके बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं।
यह अभियान चार चरणों में आयोजित होगा —
- प्रथम चरण: 7 से 14 नवंबर 2025
- द्वितीय चरण: 19 से 26 जनवरी 2026
- तृतीय चरण: 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ)
- चतुर्थ चरण: 1 से 7 नवंबर 2026
इन चरणों के दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम होंगे। स्थानीय कलाकार, छात्र, सामाजिक संस्थाएं और नागरिक समूह भी इसमें सक्रिय रूप से भाग लेंगे ताकि यह आयोजन एक जनआंदोलन का रूप ले सके।
राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में “वंदे मातरम्” विषय पर निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड इकाइयों द्वारा देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी, वहीं राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम करेगा।
जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ केवल एक स्मरणीय अवसर नहीं, बल्कि यह भारत की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश है। यह उत्सव छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगा।”





