प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 12 नवंबर 2025
गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में चल रहे भारत पर्व में इस बार छत्तीसगढ़ की झलक सबसे खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, व्यंजन, लोककला और हस्तशिल्प ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के स्टॉल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, योजनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। हमारा राज्य अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आयोजित स्टूडियो किचन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे स्वादिष्ट व्यंजनों ने मेहमानों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक परंपरा से परिचित कराया।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा —
“आईएचएम रायपुर की ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य और जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।”
भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।





