प्रमोद मिश्रा
रायपुर, 28 नवंबर 2025

राज्य सरकार ने लंबे समय से रिक्त पड़े प्राचार्य पदों को भरने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए टी संवर्ग और ई संवर्ग में बड़ी संख्या में पदोन्नति और पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी की है। स्कूलों में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से कुल 2,613 शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति दी गई, जिनमें से 2,504 प्राचार्यों की पदस्थापना कर दी गई है।
टी संवर्ग में वर्ष 2013 तथा ई संवर्ग में वर्ष 2016 के बाद पहली बार इतने बड़े पैमाने पर पदोन्नति की गई है।
– टी संवर्ग में 12 वर्ष
– ई संवर्ग में 9 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले पात्र शिक्षकों को प्राचार्य बनाया गया।
इसमें टी संवर्ग के 1,335 और ई संवर्ग के 1,478 व्याख्याताओं/प्रधान पाठकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नत किया गया।
पदोन्नति प्रक्रिया के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा लगाई गई रोक हटने के बाद विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया फिर शुरू की।
सरकार के निर्देशानुसार काउंसिलिंग के जरिए पदस्थापना की गई—
- टी संवर्ग की काउंसिलिंग: 20 से 23 अगस्त 2025
→ 1,222 प्राचार्यों के पदस्थापना आदेश जारी - ई संवर्ग की काउंसिलिंग: 21 से 24 नवंबर 2025
→ 1,284 प्राचार्यों के आदेश जारी किए जा रहे हैं
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि प्राचार्य पदों के रिक्त होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। उन्होंने स्पष्ट कहा—
“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हर विद्यालय में सक्षम नेतृत्व जरूरी है। यह पदोन्नति और पदस्थापना राज्य के स्कूलों को मजबूत नेतृत्व और बेहतर शिक्षण वातावरण प्रदान करेगी।”
उन्होंने इसे स्कूल शिक्षा विभाग के व्यापक सुधार अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
रिक्त पदों की पूर्ति से—
✔ प्रशासनिक व्यवस्था सुधरेगी
✔ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया बेहतर होगी
✔ शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि होगी
राज्य सरकार का मानना है कि नए प्राचार्यों की नियुक्ति से स्कूलों में नेतृत्व की कमी दूर होगी और विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।





