प्रमोद कुमार
रायपुर, 24 फ़रवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी नारायण साहू को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में वर्ष 2024 में अपराध क्रमांक 03/2024 दर्ज किया गया था, जिसके बाद से आरोपी फरार था।

जांच में सामने आया है कि नारायण साहू कथित किंगपिन Suryakant Tiwari का करीबी सहयोगी था। वह कोल लेवी की रकम की वसूली करता था और कथित तौर पर रकम को Soumya Chaurasia तक पहुंचाने का काम करता था।
एसीबी–ईओडब्ल्यू की प्रेस रिलीज के मुताबिक, आरोपी की भूमिका प्रकरण में महत्वपूर्ण रही है। जांच एजेंसी का दावा है कि सूर्यकांत तिवारी ने नारायण साहू के नाम पर कई संपत्तियां भी खरीदी थीं।
मामले में न्यायालय द्वारा आरोपी के खिलाफ पूर्व में ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा चुका था। गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने न्यायालय से अनुमति लेकर आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया है।
रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से कोल लेवी की वसूली, पैसों के ट्रांसफर और उसके नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अहम और ठोस साक्ष्य मिल सकते हैं।
कोयला घोटाले में यह गिरफ्तारी जांच एजेंसी के लिए अहम कड़ी मानी जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की संभावना है।





