प्रमोद कुमार
रायपुर, 27 फ़रवरी 2026

रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन में तीन महत्वपूर्ण रिपोर्टें पेश की जाएंगी। इनमें राज्य बिजली नियामक आयोग, मनरेगा और गौसेवा आयोग की रिपोर्ट शामिल है। साथ ही दो अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य चर्चा होने की संभावना है, जबकि दो अशासकीय संकल्प भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य सरकार पर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया है। शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने दावा किया कि 27,36,171 पंजीकृत किसानों में से 2,11,832 किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज नहीं बेच पाए।
महंत के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सरकार ने 25,24,339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की, जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सबसे कम बताई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया को जटिल बनाकर किसानों को परेशान किया गया, जिससे विशेषकर अनुसूचित क्षेत्रों के 1,30,369 किसान प्रभावित हुए।
मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर का जिक्र करते हुए महंत ने कहा कि यहां 50,050 किसानों ने पंजीयन कराया था, लेकिन केवल 41,092 किसान ही अपना धान बेच पाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों ने विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव भी पेश किया और आसन के समीप पहुंचकर विरोध जताया।
धान खरीदी के मुद्दे पर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस सदस्यों के विरोध के बाद विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। हालांकि, सरकार की ओर से रिपोर्ट पेश करने और वित्तीय चर्चा आगे बढ़ाने की तैयारी है।
बजट सत्र के इस चरण में सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के आसार हैं, जिससे आगामी दिनों में सदन की कार्यवाही और भी गर्मा सकती है।



