सतीश शर्मा
रायपुर/बिलासपुर, 20 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भिलाई में हुए 165 करोड़ रुपये के कथित Yes Bank घोटाले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे निष्पक्ष जांच के लिए अपर्याप्त बताया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि मामले में तथ्यों को छुपाने और जांच के नाम पर लीपापोती की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। साथ ही, यस बैंक द्वारा जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं देने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया।
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच ही एकमात्र विकल्प है। कोर्ट ने दुर्ग-भिलाई पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, एफआईआर और काउंटर एफआईआर सहित पूरी जानकारी CBI को सौंपें।
इसके अलावा, CBI को इस पूरे मामले में नई एफआईआर दर्ज कर स्वतंत्र रूप से जांच शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और कार्यवाहियों का भी कोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया है।
इस फैसले के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल बैंक घोटाले की जांच केंद्रीय एजेंसी के हाथों में होगी, जिससे मामले में नए खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।





