सतीश शर्मा
रायपुर, 06 जून 2026/ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में सीजी निगरानी पोर्टल, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन फिल्म, 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म, नवीन वेबसाइट तथा ईको क्लब गतिविधियों पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया।

भारतीय संस्कृति में प्रकृति संरक्षण का महत्व
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व पर आधारित रही है। नदियां, पर्वत, वृक्ष और जीव-जंतु हमारे लिए पूजनीय हैं।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, असामान्य वर्षा, बढ़ता तापमान, सूखा और बाढ़ जैसी समस्याओं से जूझ रही है, जिसका मुख्य कारण असंतुलित विकास मॉडल है। औद्योगिक क्रांति के बाद प्रकृति के अत्यधिक दोहन ने पर्यावरणीय संकट को जन्म दिया है।
पर्यावरण संरक्षण में तकनीक का उपयोग
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं—
- औद्योगिक चिमनियों की ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली
- फ्लाई ऐश के लिए GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम
- खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन में सख्त नियम
- अन्य राज्यों के फ्लाई ऐश डंपिंग पर रोक
इन सुधारों से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
नवा रायपुर बनेगा ‘पीपल सिटी’
मंत्री ने कहा कि केवल औपचारिक वृक्षारोपण के बजाय स्थानीय और उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले शुरू किए गए “पीपल फॉर पीपल” अभियान को आगे बढ़ाते हुए नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे।
भविष्य में नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
बच्चों और युवाओं की भूमिका
मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण छोटी आदतों से शुरू होता है—
- बिजली की बचत
- प्लास्टिक का कम उपयोग
- पौधों की देखभाल
- स्थानीय प्रजातियों का वृक्षारोपण
उन्होंने शिक्षकों और ईको क्लब समन्वयकों से बच्चों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने का आग्रह किया।
युवाओं के लिए अवसर
उन्होंने कहा कि सर्कुलर इकोनॉमी, प्लास्टिक रिसाइक्लिंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र भविष्य में बड़े रोजगार और स्टार्टअप अवसर प्रदान करेंगे। युवाओं को सतत विकास से जुड़कर नए अवसर तलाशने चाहिए।
कार्यक्रम की झलक
कार्यक्रम में—
- पर्यावरण प्रदर्शनी का अवलोकन
- तुलसी पौधे को जल अर्पण
- मिशन लाइफ की शपथ
- “किस्सा लकड़ी का” नुक्कड़ नाटक
- विद्यार्थियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
- पोस्टर प्रतियोगिता में सम्मान
का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव राजु अगसिमनि, प्रदेशभर से आए शिक्षक, ईको क्लब समन्वयक, विद्यार्थी और अधिकारी उपस्थित रहे।



