सतीश शर्मा
रायगढ़, 21 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बहुचर्चित सहारा इंडिया निवेश धोखाधड़ी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत कोतवाली पुलिस ने करीब तीन वर्षों से फरार ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 20 जुलाई को कोतरारोड़ क्षेत्र से पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले की शिकायत 29 सितंबर 2022 को विकास निगानिया ने दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता और आरबीआई से अधिकृत होने का भरोसा दिलाकर वर्ष 2017 में विभिन्न योजनाओं में निवेश कराया, लेकिन मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी निवेशकों की राशि वापस नहीं की गई।
जांच में सामने आया कि निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर पैसे जमा कराकर विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए। पुलिस ने इसे सुनियोजित निवेश धोखाधड़ी करार दिया है।
3,848 निवेशकों से ₹40.78 करोड़ की ठगी
जिला प्रशासन, बैंकों और निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों की जांच में सहारा इंडिया समूह के कई वरिष्ठ अधिकारियों, शाखा प्रबंधकों, सेक्टर मैनेजरों और रीजनल अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई। अब तक 3,848 निवेशकों से कुल ₹40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हो चुका है। इस मामले में कई आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है।
ससुराल आने की सूचना पर दबोचा गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक विजय कुमार शराफ गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। सूचना मिली कि वह अपने ससुराल कोतरारोड़ आया है, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी से सहारा इंडिया के फ्रेंचाइजी कार्यालय से जुड़े प्रशासनिक आदेश, एमओयू की प्रतियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी से आईडी कार्ड, नियुक्ति संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और कथित धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई कार व मोटरसाइकिल भी जब्त की है। रायगढ़ पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और नए साक्ष्य मिलने पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





