रायपुर, 20 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ में अवैध धर्मांतरण के मामलों को लेकर लंबे समय से जारी विवादों के बीच अब राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में “छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026” पारित हो गया है, जिससे अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने वालों पर कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

राज्य के बस्तर से लेकर सरगुजा तक कई क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हो रहे कथित धर्मांतरण को लेकर सामाजिक संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जाती रही है, जिसके कारण कई बार विवाद और तनाव की स्थिति भी निर्मित हुई है।
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सतीश शर्मा ने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में अवैध तरीके से धर्मांतरण करना और करवाना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में तेजी से बढ़ रही ऐसी गतिविधियों से सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही थी, जिसे रोकना आवश्यक था।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया यह नया कानून करीब 60 वर्ष पुराने प्रावधानों की जगह लेगा और इसे अधिक प्रभावी बनाया गया है।
सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से राज्य में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन भी मजबूत होगा।





