बेमेतरा, 06 अप्रैल 2026। कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा 24 मार्च 2026 को जिला न्यायालय, बेमेतरा में ‘साइबर लॉ, डिजिटल साक्ष्य और न्यायालयों में डिजिटल साक्ष्य की ग्राह्यता’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम अधिवक्ता संघ, बेमेतरा के सहयोग से संपन्न हुआ।

संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान जिला न्यायाधीश सरोज नंदन दास, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित सिंह सहित न्यायपालिका के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विशेषज्ञ सत्र में सहायक प्राध्यापक विशाखा साखरकर ने साइबर कानून, डिजिटल साक्ष्य के कानूनी प्रावधान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के संरक्षण और न्यायालय में उनकी ग्राह्यता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल साक्ष्य को प्रस्तुत करने के दौरान अधिवक्ताओं को कई व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनके समाधान पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में तकनीक के बढ़ते उपयोग और साइबर अपराधों में वृद्धि को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से जुड़े वैधानिक और प्रक्रियात्मक मानकों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर परिवार न्यायालय, विशेष न्यायालय और सिविल न्यायालय के न्यायाधीशों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
संगोष्ठी के अंत में विश्वविद्यालय ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि विधि शिक्षा और न्यायिक प्रक्रिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।



