जगदलपुर, 18 मई 2026
Amit Shah ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शहीद जवानों के परिजनों, CAPFs और नक्सल पीड़ितों से मुलाकात कर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब वह सीना तानकर कह सकते हैं कि भारत नक्सलमुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महज 3-4 साल में वह लक्ष्य हासिल कर लिया, जिसे पूरा करना पूरी जिंदगी में भी मुश्किल माना जाता था।

गृह मंत्री ने कहा कि 24 अगस्त 2024 को देश को नक्सलमुक्त बनाने का संकल्प लिया गया था और 31 मार्च 2026 से पहले ही यह लक्ष्य पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि कश्मीर, नॉर्थईस्ट और नक्सलवाद देश की तीन बड़ी आंतरिक चुनौतियां थीं, जिन पर मोदी सरकार ने निर्णायक जीत हासिल की है।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद खत्म करने में सबसे बड़ा योगदान DRG जवानों, कोबरा कमांडो और सुरक्षा बलों का रहा। उन्होंने कहा कि माओवाद इसलिए नहीं फैला था कि विकास नहीं था, बल्कि हथियारबंद नक्सलियों ने ही विकास को रोका।
उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के बिना विकसित भारत-2047 का सपना अधूरा है। आने वाले पांच वर्षों में बस्तर देश का सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनकर उभरेगा। शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने बस्तर की कला, संगीत, खेल और परंपराओं को दबा दिया था, लेकिन अब यहां नया सवेरा लौट रहा है।
गृह मंत्री ने नेतानार गांव में शुरू हुए “शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा” प्रकल्प को विकास का नया मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि CAPF के 70 कैंप अब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोजगार सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। यहां से 371 सरकारी योजनाओं का लाभ ऑनलाइन मिल सकेगा।
अमित शाह ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके करीब 3000 नक्सलियों के पुनर्वास, शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग के लिए केंद्र सरकार ने शुरुआती तौर पर 20 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि बस्तर समाज मुख्यधारा में लौट रहे लोगों को सम्मान के साथ स्वीकार करेगा।
उन्होंने कहा कि अब बस्तर में स्कूल बंद नहीं होंगे, बिजली नहीं कटेगी और किसानों से लेवी नहीं मांगी जाएगी। तेंदूपत्ता और धान का पैसा सीधे आदिवासियों के बैंक खातों में पहुंचेगा।
इस दौरान Vishnu Deo Sai, Vijay Sharma, गोविंद मोहन और तपन डेका सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



