सतीश शर्मा
रायपुर, 29 मई 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भाग लिया। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान देती हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और विविधता को दुनिया के सामने लाना है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। इससे पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन और आधुनिक सुविधाओं का विकास संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की रुचि दिखाई है, जो पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर बनेंगे।
बैठक में कंपनी प्रतिनिधियों ने अपने निवेश प्रस्ताव की जानकारी देते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा देगा।
वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल, पारदर्शी और सरल प्रक्रिया विकसित की है, जिससे निवेशकों को तेजी से सुविधाएं मिल रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश या 1000 से अधिक रोजगार सृजित करता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार और पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



