सतीश शर्मा
रायपुर, 09 जून 2026

रायपुर जिले के धरसींवा थाना क्षेत्र स्थित सिलयारी में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण एवं दुष्कर्म मामले को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान में लिया है। आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की गई है तथा 15 जून 2026 को सुनवाई निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार आयोग को इस प्रकरण की जानकारी 4 जून 2026 को सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार पोर्टलों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से प्राप्त हुई थी। इसके बाद मामले को पंजीबद्ध कर जांच प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में बालिका द्वारा अपराध से इनकार किए जाने के चलते मामले को बंद करने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि बाद में वायरल वीडियो और ऑडियो के सामने आने तथा पुनः जांच में नए तथ्य मिलने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं विवेचना में कथित लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया।
अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने मामले को नाबालिग सुरक्षा, पुलिस विवेचना की गुणवत्ता और बाल अधिकारों से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए इसकी गहन समीक्षा के निर्देश दिए हैं। बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रायपुर को पीड़ित बालिका का कथन दर्ज कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने बालिका को उसके अभिभावकों सहित 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए भी कहा है। सुनवाई के दौरान पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।
आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


