रायगढ़, 13 जून 2026
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत पूंजीपथरा पुलिस ने महिला संबंधी अपराध के एक संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पर युवती को शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार, धरमजयगढ़ क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने 11 जून 2026 को थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने बताया कि उसकी पहचान फरवरी 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से सागर सारथी नामक युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और विवाह का भरोसा दिलाया।
शिकायत के मुताबिक, 23 जुलाई 2025 को आरोपी ने युवती को तराईमाल बुलाया और मजदूर क्वार्टर में ले जाकर पत्नी बनाकर रखने का वादा करते हुए शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी लगातार युवती को अपने साथ रखकर उसका दैहिक शोषण करता रहा।
पीड़िता ने बताया कि अगस्त 2025 में गर्भवती होने के बाद आरोपी ने पालन-पोषण करने में असमर्थता जताते हुए उसे उसके घर भेज दिया। इसके बावजूद वह समय-समय पर युवती के संपर्क में रहा और शादी का आश्वासन देता रहा।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब युवती ने आरोपी के साथ रहने की बात कही। तब आरोपी ने खुलासा किया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली पत्नी गर्भवती है। इतना ही नहीं, आरोपी ने युवती को किसी अन्य जगह विवाह कर लेने की बात कहने के लिए दबाव बनाया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़िता की शिकायत पर थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 351(3) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता का बयान दर्ज कर मेडिकल परीक्षण कराया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एएसपी अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में गठित पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आरोपी सागर सारथी (25 वर्ष) को सिंघल पावर प्लांट लेबर कॉलोनी, तराईमाल से हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने युवती के साथ प्रेम संबंध और उसके गर्भवती होने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि महिला अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अभियान संवेदना के तहत लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है।



