21 Sep 2026, Mon

जशपुर की 5 महिला किसान बनेंगी ड्रोन पायलट, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर प्रशिक्षण दल को दिखाई हरी झंडी

 

 

  1. सतीश शर्मा 

रायपुर, 20 जून 2026/ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।

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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।

महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार का अवसर

ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।

इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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