सतीश शर्मा
रायपुर, 21 जून 2026। कलिंगा विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय एवं पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा IIIT नया रायपुर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “स्मार्ट ज्ञान भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा पुस्तकालयों का रूपांतरण (ICTL-2026)” का 20 जून को सफल समापन हुआ। सम्मेलन में भारत और विदेशों से आए शिक्षाविदों, पुस्तकालयाध्यक्षों, शोधकर्ताओं, सूचना वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया और पुस्तकालयों तथा ज्ञान प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका पर व्यापक चर्चा की।

उद्घाटन सत्र में डॉ. अख्तर परवेज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में डॉ. सविता मित्तल, डॉ. विक्रम कुमार शर्मा, प्रो. डॉ. श्रीनिवास के. जी., डॉ. एस. चंदरप्पा तथा करण सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने की, जिनमें डॉ. मोनिका सेठी, डॉ. संदीप गांधी, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. अंजनेयुलु बेंडी और डॉ. मोहम्मद नासिर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सम्मेलन संयोजक डॉ. मोहम्मद नासिर ने स्वागत उद्बोधन में पुस्तकालय सेवाओं, शोध सहायता प्रणालियों और ज्ञान प्रसार में एआई के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. संदीप गांधी ने पुस्तकालयों को तकनीक-सक्षम ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई, जबकि करण सिंह ने उभरती एआई तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोगों पर अपने विचार साझा किए। उद्घाटन सत्र में सम्मेलन कार्यवाही और संपादित पुस्तक के प्रथम खंड का भी विमोचन किया गया।
सम्मेलन के दौरान आयोजित छह तकनीकी सत्रों और विशेष व्याख्यानों में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने एआई-सक्षम पुस्तकालय सेवाएं, मशीन लर्निंग, चैटबॉट्स, स्मार्ट लाइब्रेरी, RFID तकनीक, सिमेंटिक सर्च, बिब्लियोमेट्रिक्स, डिजिटल समावेशन, सतत विकास और ज्ञान प्रबंधन जैसे विषयों पर विचार रखे। लगभग 150 शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसने पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान तथा एआई के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध को सामने रखा।
समापन सत्र में पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना मुख्य अतिथि और प्रो. डॉ. ओम प्रकाश व्यास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आधुनिक पुस्तकालयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग को समय की आवश्यकता बताते हुए ज्ञान संसाधनों तक बेहतर पहुंच और शोध सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न पेशेवर पुरस्कार भी प्रदान किए गए। “डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड इन लाइब्रेरियनशिप” से डॉ. अख्तर परवेज, “एक्सीलेंस इन लाइब्रेरी लीडरशिप अवार्ड” से डॉ. विक्रम कुमार शर्मा तथा “एमिनेंट लाइब्रेरियन अवार्ड” से डॉ. सविता मित्तल को सम्मानित किया गया। वहीं बेस्ट पेपर अवार्ड पुस्तकालयाध्यक्ष श्रेणी में सुनीमा बरार (IIT भिलाई) और विद्यार्थी/शोधार्थी श्रेणी में राज कुमार राजा (बिहार) को प्रदान किया गया।
सम्मेलन के सफल आयोजन में विभिन्न प्रायोजकों और नॉलेज पार्टनर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में डॉ. संदीप गांधी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों, प्रायोजकों और आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती तकनीकों के माध्यम से पुस्तकालयों को अधिक सशक्त बनाकर शिक्षा, शोध और समाज के लिए भविष्य उन्मुख ज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जाएगा।




