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‘ड्रग्स क्वीन’ Navya Malik केस की अब होगी गहन पड़ताल: SIT गठित, हाईप्रोफाइल पार्टियों और मनी ट्रेल पर फोकस

सतीश शर्मा

रायपुर, 03 जुलाई 2026

चर्चित नव्या मलिक एमडीएमए (MDMA) ड्रग्स केस की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी गई है। रायपुर पुलिस ने इस हाईप्रोफाइल मामले की गहन जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। टीम में एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), क्राइम ब्रांच प्रभारी और गंज थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी अब ड्रग्स सिंडिकेट, सप्लाई नेटवर्क, मनी ट्रेल और कथित हाईप्रोफाइल पार्टियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

क्या है पूरा मामला?

23 अगस्त 2025 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा गंज थाना पुलिस ने देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के पास एक कार से 27.58 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स, 85,300 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन और एक कार जब्त की थी। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों—हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया—को गिरफ्तार किया गया था।

 

 

पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने मुंबई से नव्या मलिक को गिरफ्तार किया। जांच में आरोप है कि वह रायपुर की कथित हाईप्रोफाइल पार्टियों, निजी आयोजनों और नाइट क्लबों में एमडीएमए की सप्लाई करती थी।

चार्जशीट में क्या सामने आया?

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क मोबाइल फोन और डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में मोनू विश्नोई के जरिए कई लोगों तक एमडीएमए पहुंचाने की बात सामने आई है। चार्जशीट में कुछ लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

दो चरणों में होगी जांच

एसआईटी पहले चरण में एमडीएमए के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क, मनी ट्रेल, हाईप्रोफाइल पार्टियों से संबंध और आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी।

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दूसरे चरण में अंतरराज्यीय कनेक्शन, संरक्षण और मिलीभगत, डिजिटल फॉरेंसिक जांच तथा ड्रग्स खरीदने वाले उपभोक्ताओं की पहचान पर फोकस रहेगा।

इन बिंदुओं पर होगी विशेष जांच

  • एमडीएमए ड्रग्स का मूल स्रोत और मुख्य सप्लायर।
  • रायपुर, मुंबई सहित अन्य राज्यों से जुड़े सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल।
  • नव्या मलिक और अन्य आरोपियों की भूमिका।
  • बैंक खाते, यूपीआई और नकद लेन-देन के जरिए मनी ट्रेल की जांच।
  • मोबाइल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण।
  • कथित हाईप्रोफाइल पार्टियों, क्लबों और पब में ड्रग्स सप्लाई के आरोपों की जांच।
  • ड्रग्स खरीदने वाले लोगों की पहचान और नेटवर्क की पड़ताल।
  • अंतरराज्यीय कनेक्शन और पुराने एनडीपीएस मामलों से संभावित संबंध।
  • संरक्षण या आर्थिक सहायता देने वाले लोगों की भूमिका।

ED भी कर रही जांच

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी कथित अवैध कमाई और मनी ट्रेल की अलग से जांच कर रहा है। ऐसे में यह मामला अब केवल ड्रग्स बरामदगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संगठित अपराध और आर्थिक अपराध के पहलुओं की भी जांच के दायरे में आ गया है।

नोट: मामले में कई आरोप और जांच जारी हैं। संबंधित व्यक्तियों की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

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