28 Aug 2026, Fri
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बिलासपुर प्लेस ऑफ सेफ्टी में चौकीदार हत्याकांड पर बाल आयोग सख्त: फरार 4 बालकों की तलाश तेज करने के निर्देश, सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा

सतीश शर्मा

रायपुर, 14 जुलाई 2026। बिलासपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी (विशेष गृह) से चार विधि-विरुद्ध बालकों के चौकीदार की हत्या कर फरार होने की गंभीर घटना पर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने तत्काल संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर संबंधित अधिकारियों को फरार बालकों की जल्द तलाश, संस्था की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने बताया कि डॉ. वर्णिका शर्मा ने 6 दिसंबर 2025 को बिलासपुर स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान भोजन, पेयजल, स्टाफ की कमी, सुरक्षा व्यवस्था, काउंसलिंग और संस्थागत प्रबंधन से जुड़ी कई कमियां सामने आई थीं। इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

13 जुलाई 2026 को हुई घटना के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ), जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ), विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू), प्लेस ऑफ सेफ्टी के अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आयोग अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि पूर्व निरीक्षण में बताई गई कमियों के निराकरण की स्थिति का परीक्षण किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक मूल्यांकन कर तत्काल आवश्यक सुधार किए जाएं।

 

 

डॉ. शर्मा ने एसजेपीयू को निर्देश दिए कि फरार चारों बालकों की उपलब्ध जानकारी जुटाकर उनके संभावित ठिकानों और संपर्क सूत्रों के आधार पर विशेष टीम गठित कर खोज अभियान तेज किया जाए। साथ ही अधिकारियों को शासन को हर कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

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आयोग ने विस्तृत प्रतिवेदन भी तलब किया है। इसमें संस्था की स्वीकृत क्षमता, वर्तमान में रह रहे बच्चों की संख्या, उपलब्ध काउंसलरों की संख्या, उनकी योग्यता, काउंसलिंग व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था में किए गए सुधार, घटना के बाद की कार्रवाई और भविष्य की कार्ययोजना का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों की मानसिक स्थिति और मनोसामाजिक आवश्यकताओं का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए तथा प्रत्येक बच्चे को समयबद्ध काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल देखरेख संस्थाओं में सुरक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। आयोग इस पूरे मामले की लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता अनुसार नियमानुसार कार्रवाई व अनुशंसाएं करेगा।

 

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