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महिला आयोग अध्यक्ष पद पर घमासान: किरणमयी बोलीं- हाईकोर्ट के फैसले तक मैं ही अध्यक्ष, ममता ने कहा- सरकार ने नियुक्त किया, जल्द संभालूंगी कार्यभार

सतीश शर्मा

रायपुर, 14 जून 2026

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और राज्य सरकार द्वारा नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू आमने-सामने आ गई हैं। किरणमयी नायक का कहना है कि हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण अंतिम फैसला आने तक वे ही आयोग की वैध अध्यक्ष हैं, जबकि ममता साहू का कहना है कि राज्य सरकार का नियुक्ति आदेश प्रभावी है और वे तय तिथि व शुभ मुहूर्त के अनुसार पदभार ग्रहण करेंगी।

डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि उनका पहला कार्यकाल 23 जुलाई 2020 से 22 जुलाई 2023 और दूसरा कार्यकाल 21 जुलाई 2023 से 20 जुलाई 2026 तक रहा। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में राज्य सरकार द्वारा उन्हें पद से हटाने के आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर अदालत ने स्थगन आदेश दिया था। उनका दावा है कि मामला अभी भी अंतिम सुनवाई के लिए लंबित है, इसलिए अंतिम निर्णय आने तक किसी अन्य की नियुक्ति नहीं की जा सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि नई नियुक्ति लागू की जाती है तो यह न्यायालय की अवमानना की स्थिति पैदा कर सकती है। उनके मुताबिक, जनवरी 2026 के बाद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है और केस अब भी लंबित है।

वहीं, नवनियुक्त अध्यक्ष ममता साहू ने कहा कि किरणमयी नायक का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और राज्य सरकार ने उन्हें विधिवत आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने कहा कि जब तक हाईकोर्ट की ओर से कोई विपरीत आदेश नहीं आता, तब तक सरकार का नियुक्ति आदेश प्रभावी रहेगा और वे जल्द ही कार्यभार संभालेंगी।

 

 

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इस बीच किरणमयी नायक ने अपने छह वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान आयोग में 6,463 मामले दर्ज हुए, जिनमें 6,184 का निराकरण किया गया। 416 जनसुनवाई के माध्यम से हजारों परिवारों को न्याय दिलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ’, 2,200 मास्टर ट्रेनर तैयार करने, व्हाट्सएप हेल्पलाइन, डीएनए और नार्को टेस्ट, दहेज पीड़ित महिलाओं को राहत दिलाने तथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में आयोग का नाम दर्ज होने जैसी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।

अब इस पूरे विवाद पर सभी की नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और अंतिम फैसले पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर कानूनी रूप से किसका अधिकार रहेगा।

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