रायपुर, 27 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए हाई पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। इस फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं की चिंता को प्राथमिकता दी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए कानून और टास्क फोर्स की सिफारिशों से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और छात्रों का परीक्षाओं पर भरोसा और मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को घोषणा की थी कि NTA की परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार के लिए एक मल्टीडिसिप्लिनरी हाई पावर्ड टास्क फोर्स बनाई गई है। इसकी अध्यक्षता देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे। टास्क फोर्स में ISRO के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व IB निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं।
यह समिति परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने, सुरक्षा बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सुझाव देगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और क्रेडिबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित जिला पंचायत सीईओ की दो दिवसीय बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बैठक में गांवों के समग्र विकास, अधोसंरचना को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। पूर्व आईएएस एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा तथा पद्मश्री पोपट राव पवार अधिकारियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं, जिनका अनुभव ग्रामीण विकास में उपयोगी साबित होगा।





