रायपुर, 31 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि शुक्रवार (31 जुलाई) से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान विदर्भ और मध्यप्रदेश में बने डीप डिप्रेशन के प्रभाव से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश के कारण गरियाबंद जिले में उदंती नदी पर ओडिशा सरकार की ओर से लगभग 9 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा निर्माणाधीन पुल ढह गया। वहीं रायपुर में खारून नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है। बस्तर में राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर पुलिया क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बढ़ने के कारण आवाजाही रोक दी गई है, जबकि कांकेर में करीब 15.5 करोड़ रुपए की लागत से बनी नहर पहली ही बारिश में ढह गई।
कई जिलों में हादसे, रेस्क्यू अभियान जारी
सूरजपुर जिले में ढेकी नदी में दो दिन पहले बह गए 10 वर्षीय बालक का शव गुरुवार शाम को DDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 20 से 25 किलोमीटर दूर बरामद किया।
रायपुर के आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया। एक परिवार के छह सदस्य चारों ओर से पानी में फंस गए थे, जिन्हें SDRF ने मोटरबोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।
कोंडागांव जिले के कोपाबेड़ा जलाशय के निर्माणाधीन सौंदर्यीकरण स्थल पर छह वर्षीय बच्ची चांदनी नाग निर्माणाधीन नाले में गिर गई, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई।
गरियाबंद के सुहागपुर गौठान में बाढ़ का पानी भरने से एक परिवार तीन छोटे बच्चों सहित करीब चार घंटे तक फंसा रहा। नगर सेना की टीम ने देर रात सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चार दिन पहले उफनते नाले में बह गए उपसरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव उनकी कार सहित बरामद किए गए।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 12% कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 29 जुलाई 2026 तक प्रदेश में औसतन 477.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 544.6 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग के मानकों के अनुसार यह अब भी ‘सामान्य’ श्रेणी में है।
अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां 769.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर 11 जिलों में अब भी सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
रायपुर का मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं आज से प्रदेशभर में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाली बारिश पर उन जिलों की नजर रहेगी, जहां अब भी वर्षा का बड़ा घाटा बना हुआ है।





