5 Aug 2026, Wed
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रायपुर रेलवे स्टेशन से 600 किलो संदिग्ध पनीर जब्त: बिना बुकिंग अंबिकापुर भेजी जा रही थी खेप, तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू

 

रायपुर, 05 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ में एनालॉग (संदिग्ध/नकली) पनीर पर प्रतिबंध के बावजूद इसकी तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर पिछले 24 घंटे के भीतर करीब 600 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया गया। इनमें से 100 किलो पनीर बिना बुकिंग के लिंक एक्सप्रेस से अंबिकापुर भेजे जाने की तैयारी थी, जबकि भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए लाई गई 500 किलो की खेप को भी अधिकारियों ने जब्त कर लिया।

 

 

जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्टेशन पर बिना बुकिंग के प्लेटफॉर्म तक पहुंची पनीर की पेटियों पर न तो कोई बारकोड था और न ही रेलवे का अधिकृत लेबल। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सुरक्षा व्यवस्था के बीच इतनी बड़ी खेप प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंच गई।

मामले की जानकारी मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रांशु राय, निवासी कटनी बताया। उसने स्वीकार किया कि वह आशीष जायसवाल के कहने पर बिना बुकिंग के दो पेटियां (करीब 100 किलो) ट्रेन में चढ़ाने आया था।

जांच के दौरान प्रांशु के मोबाइल से मिले चैट और संपर्कों में सौरभ शर्मा तथा आशीष जायसवाल के साथ लंबे समय से पनीर सप्लाई से जुड़े बातचीत के रिकॉर्ड मिले। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि रेलवे के जरिए लंबे समय से बड़े पैमाने पर संदिग्ध पनीर की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस और संबंधित एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई हैं।

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इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही पनीर के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया। जब्त की गई पूरी खेप को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जब्त किया गया पनीर एनालॉग (नकली) है या मानक के अनुरूप।

उधर, बुधवार सुबह भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के जरिए रायपुर पहुंची करीब 500 किलो पनीर की खेप को भी अधिकारियों ने जांच के लिए जब्त कर लिया। दोनों मामलों की संयुक्त जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में राज्य सरकार ने प्रदेश में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद रेलवे के माध्यम से संदिग्ध पनीर की लगातार बरामदगी ने निगरानी व्यवस्था और तस्करी नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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