4 Oct 2026, Sun

CGMSC को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, हाईकोर्ट का 1 लाख जुर्माने का आदेश पलटा; टेंडर प्रक्रिया में नहीं मिली कोई गलती

 

रायपुर, 14अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की कार्यशैली और नियम आधारित टेंडर प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है। अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें CGMSC पर 1 लाख रुपए का जुर्माना (हर्जाना) लगाया गया था। इस फैसले से स्पष्ट हो गया है कि कंपनी की टेंडर प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी।

पूरा मामला टेंडर से जुड़े एक विवाद का था। एक ठेकेदार ने हाईकोर्ट में शिकायत की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने CGMSC पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके खिलाफ CGMSC ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि निगम की ओर से कोई गलती नहीं हुई थी।

अदालत ने माना कि ठेकेदार ने फॉर्म में जो आधिकारिक ईमेल आईडी दी थी, उसी पर समय रहते सभी जरूरी जानकारियां और संदेश भेजे गए थे। ठेकेदार ने निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया, जिसके कारण नियमों के तहत उसे टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पूरे मामले में CGMSC की कार्रवाई सही थी और उस पर लगाया गया 1 लाख रुपए का जुर्माना उचित नहीं था। इसके साथ ही हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर दिया गया।

CGMSC ने कहा कि निगम आगे भी टेंडर और खरीदारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता, नियमों और ईमानदारी का पालन करते हुए राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य करता रहेगा।

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